कोटा। पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को रंगबाड़ी स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में भक्तिमय माहौल रहा। प्रातः 6.30 बजे मंदिर से विराट हरि नाम संकीर्तन परिक्रमा का शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मंदिर समिति के राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि यह परिक्रमा रंगबाड़ी के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरते हुए सुबह 8.30 बजे मंदिर परिसर पहुंची। परिक्रमा में जय श्री कृष्ण मित्र मंडल, हमेश मंदिर, श्री कृष्ण प्रेम भक्ति एवं श्री कृष्ण चैतन्य प्रेम भक्ति संकीर्तन मंडल की भजन मंडलियां ढोल-नगाड़ों व झांकियों के साथ शामिल हुईं। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर परिक्रमा का भव्य स्वागत किया।
उत्सव संयोजक गिरधरलाल बडेरा ने जानकारी दी कि पूर्णिमा के विशेष अवसर पर ठाकुर जी का मनमोहक श्रृंगार किया गया। ठाकुर जी को फूलों और पंखुड़ियों से तैयार आकर्षक नवीन पोशाक धारण करवाई गई। साथ ही वृंदावन के कारीगरों द्वारा निर्मित मोगरे के फूल बंगले में ठाकुर जी को विराजमान किया गया, जिसकी सुगंध से पूरा मंदिर परिसर महक उठा।
शाम 5.30 बजे से रात 10 बजे तक मंदिर में 56 भोग की अनुपम झांकी सजाई गई। ठाकुर जी के इस विशेष श्रृंगार और 56 भोग के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भजन गायक आकाश शर्मा एवं मंडली ने ब्रज के मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर झूमते भक्तों ने भक्ति रस का भरपूर आनंद लिया।
रात्रि 10:00 बजे शयन आरती के पश्चात सभी भक्तों को 56 भोग का प्रसाद वितरित किया गया। पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा पर हुए इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरे दिन मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंजता रहा।







