– बिरला की पहल से बूंदी-केशवरायपाटन के किसानों को बड़ी राहत
– नहरों में पानी पहुंचने से किसानों में खुशी की लहर, जताया आभार
कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल से बून्दी और केशवरायपाटन क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। नहरी पानी की कमी से फसलों के प्रभावित होने की आशंका को लेकर किसानों ने गुरुवार को कोटा स्थित कार्यालय में बिरला से मुलाकात कर अपनी चिंता व्यक्त की थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल राजस्थान के जल संसाधन विभाग तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर समाधान का रास्ता निकाला।
बिरला के प्रयासों से पहली बार मध्यप्रदेश सरकार ने गांधी सागर बांध से सीधे कोटा-बूंदी क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का पानी छोड़ा है। शुक्रवार शाम से नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू होने के साथ ही विशेष रूप से बूंदी और केशवरायपाटन क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे सिंचाई की समस्या दूर होगी और सूखती फसलों को समय पर पानी मिल सकेगा।
किसानों ने बिरला को बताया था कि नहरों में पर्याप्त पानी नहीं होने से खरीफ की फसल प्रभावित हो रही है। इसके बाद उन्होंने बिना विलंब संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और मध्यप्रदेश सरकार से गांधी सागर बांध से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उनके प्रयासों के बाद तुरंत सकारात्मक निर्णय हुआ और नहरों में पानी छोडऩे की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
नहरों में पानी पहुंचने की सूचना मिलते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल से फसलों को समय पर पानी मिल सकेगा और हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ होगा।
नहरों में पानी छोडऩे पर हाडोती किसान यूनियन ने जताया आभार
हाडोती किसान यूनियन कोटा संभाग के प्रतिनिधि जगदीश कुमार ने बताया कि किसानों की व्यापक एकता और निरंतर प्रयासों के बाद अंतत: चंबल सिंचित क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की सहमति बन गई है।
उन्होंने कहा कि विगत दिनों से दलिय आधार से ऊपर उठकर किसानों ने एकजुट होकर नहरी पानी की उपलब्धता के लिए आंदोलन किया। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता और जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायकों के प्रयासों के कारण राज्य सरकार ने सकारात्मक पहल की। किसान नेता दशरथ कुमार ने बताया कि राजस्थान-मध्यप्रदेश वृहद सिंचाई परियोजना के तहत गांधी सागर बांध में लगभग 1297 फीट पानी उपलब्ध है। इसी उपलब्धता में से कोटा, बूंदी और बारां के चंबल सिंचित क्षेत्र के किसानों की खरीफ की फसलों, विशेषकर धान आदि की सिंचाई के लिए 5 से 6 फीट पानी यानी दायीं-बायीं नहरों में 6 हजार क्यूसेक प्रतिदिन पानी देने की घोषणा की गई है। यूनियन ने कहा कि नहरों में अविलंब पानी की उपलब्धता होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।








