नई दिल्ली/इस्लामाबाद।
पाकिस्तान ने पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के नजदीक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रावलकोट, कोटली और भिंबर सेक्टर में नए काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) लगाए गए हैं। इस कदम को भारत की बढ़ती सैन्य सक्रियता और संभावित कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की बढ़ती चिंता के रूप में देखा जा रहा है।
30 से ज्यादा एंटी-ड्रोन यूनिट्स तैनात
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने LoC के संवेदनशील इलाकों में 30 से अधिक विशेष एंटी-ड्रोन यूनिट्स को सक्रिय किया है। ये तैनातियां मुर्री स्थित 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन और 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन द्वारा की गई हैं, जो कोटली–भिंबर क्षेत्र की ब्रिगेड्स की जिम्मेदारी संभालती हैं। इसका उद्देश्य LoC के पास हवाई निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता को मजबूत करना है।
क्या है काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS)?
C-UAS एक आधुनिक रक्षा तकनीक है, जिसका उपयोग दुश्मन के ड्रोन को पहचानने, ट्रैक करने और उन्हें जैम करने या मार गिराने के लिए किया जाता है। यह ड्रोन के कम्युनिकेशन, GPS और वीडियो लिंक को बाधित कर उसे निष्क्रिय कर सकता है।
स्पाइडर काउंटर-UAS सिस्टम
पाकिस्तान द्वारा तैनात किए गए सिस्टम में स्पाइडर काउंटर-UAS प्रमुख है।
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यह रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए ड्रोन का पता लगाता है
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करीब 10 किलोमीटर तक छोटे ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन की पहचान कर सकता है
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पोर्टेबल और वाहन-माउंटेड दोनों संस्करणों में उपलब्ध
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ड्रोन को हवा में रुकने, वापस लौटने या लैंड करने पर मजबूर करता है
सुफ्रा जैमिंग गन भी शामिल
इसके अलावा, सुफ्रा जैमिंग गन को भी तैनात किया गया है।
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कंधे पर रखकर चलाया जाने वाला हथियार
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लगभग 1.5 किलोमीटर तक प्रभावी रेंज
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ड्रोन के कंट्रोल, वीडियो और GPS लिंक को बाधित करता है
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एक साथ कई कामीकाजे ड्रोन को निष्क्रिय करने में सक्षम
एयर डिफेंस हथियारों की भी तैनाती
एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ-साथ पाकिस्तान ने पारंपरिक एयर डिफेंस हथियार भी तैनात किए हैं, जिनमें शामिल हैं—
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ओरलीकॉन GDF 35 मिमी डबल बैरल एंटी-एयरक्राफ्ट गन (रडार सपोर्ट के साथ)
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Anza Mk-II और Mk-III MANPADS, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को मार गिराने में सक्षम हैं
तुर्की और चीन से हथियार खरीदने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान तुर्की और चीन से नए ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद को लेकर भी बातचीत कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ये सभी तैनातियां पश्चिमी सीमा पर भारत की रणनीतिक बढ़त को लेकर पाकिस्तान की बेचैनी को दर्शाती हैं।








