इटावा /कोटा। कोटा जिले के इटावा उपखंड के ग्रामीण इलाकों में वर्षों से बदहाल पड़ी सड़कों के खिलाफ आक्रोश अब फूट पड़ा है। धूल-धूसरित गड्ढों, उबड़-खाबड़ सतह और टूटे-फूटे मार्गों से रोजाना जूझते किसानों और ग्रामीणों का धैर्य पूरी तरह जवाब दे चुका है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता ‘सिद्धार्थ शर्मा बंबूलियां’ के आह्वान पर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं एवं सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर इटावा उपखंड अधिकारी (SDM) को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द से जल्द इन सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय ग्रामीण सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के इटावा कार्यालय पर ताला लगा देंगे और उग्र प्रदर्शन करेंगे।
सिद्धार्थ शर्मा बंबूलियां ने इस मौके पर कहा, “पिछले 5 से 7 वर्षों से क्षेत्र की मुख्य सड़कें बदतर हालत में हैं। जहां कभी डामर बिछा था, वहां अब सिर्फ गहरे गड्ढे, धूल के ढेर और नुकीले पत्थर बचे हैं। किसान अपनी उपज लेकर बाजार नहीं जा पा रहे, बच्चे स्कूल जाने में परेशान हैं और पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं खुल रही। यह लापरवाही अब बर्दाश्त से बाहर है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में विशेष रूप से निम्नलिखित प्रमुख सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण और मरम्मत की मांग की है:
– बम्बूलियां से गेता मार्ग
– राजपुरा से किरपुरा मार्ग
– बंबूलियां से रघुनाथपुरा मार्ग
– उम्मेदपुरा से बम्बूलियां मार्ग
ये सभी मार्ग क्षेत्र के किसानों, छात्रों और आम जनता के लिए जीवनरेखा हैं, लेकिन इनकी जर्जर स्थिति के कारण रोजमर्रा का जीवन दूभर हो चुका है। खासकर मानसून के बाद इन सड़कों पर आवागमन लगभग असंभव हो जाता है, जिससे फसलें बाजार तक नहीं पहुंच पातीं और आर्थिक नुकसान होता है।
किसान नेताओं ने प्रशासन को कड़ी नसीहत देते हुए कहा की सार्वजनिक निर्माण विभाग की सुस्ती और लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। हमने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब यदि कुछ दिनों में ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ, तो सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर हम PWD कार्यालय पर ताला जड़ देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विभाग की होगी।
यह प्रदर्शन क्षेत्र में सड़क सुधार को लेकर बढ़ते असंतोष का स्पष्ट संकेत है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावों के बीच गांवों की बुनियादी सुविधाएं लगातार उपेक्षित हो रही हैं। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला और उग्र रूप ले सकता है।
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग इस ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करेंगे और इन महत्वपूर्ण सड़कों को प्राथमिकता देकर जल्द ठीक करवाएंगे, ताकि जनता को राहत मिल सके।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान
किसान नेता डॉ. राजेश पचौरी, रामलाल केवट, नंदबिहारी मीणा, धनराज केवट, सियाराम सुमन, राधेश्याम वर्मा, मनोज बैरवा, राकेश मीणा, हनुमान गोचर, छोटू लाल मीणा, धनराज मीणा, गिरिराज मीणा, शांतिलाल नागर, दिनेश आर्य सहित दर्जनों अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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