कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा स्थित कैंप कार्यालय में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर वन्यजीव संरक्षण, ईको-टूरिज़्म और चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अंतरराज्यीय ट्रांसलोकेशन, पर्यटन विकास और संरक्षण से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (CWLW) अरुण प्रसाद ने पेंच टाइगर रिज़र्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व तक बाघिन के सफल अंतरराज्यीय ट्रांसलोकेशन की जानकारी दी। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के विस्तार, आगंतुक सुविधाओं के विकास और अन्य गतिविधियों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही टाइगर रिज़र्व में नए सफारी रूट विकसित करने और लंबित वन स्वीकृतियों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि संरक्षण और पर्यटन से जुड़े कार्य समयबद्ध रूप से आगे बढ़ सकें।
मुकुंदरा-रामगढ़ में ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा
बैठक में मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी क्षेत्रों में पर्यटन संभावनाओं को लेकर चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पर्यटन गतिविधियाँ संरक्षण के अनुरूप हों और स्थानीय समुदायों की आजीविका से जुड़ें, ताकि पर्यावरण संतुलन और क्षेत्रीय विकास साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने मुकुंदरा क्षेत्र की चंबल घाटी में स्थित देश की सबसे बड़ी गिद्ध नेस्टिंग कॉलोनी के संरक्षण को प्राथमिकता देने को कहा। इसके लिए वैज्ञानिक मॉनिटरिंग, सुरक्षित आवास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट, डीसीएफ मुथु सोमसुंदरम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








