कोटा।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के विरोध में कोटा में कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन रामपुरा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कोटा शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम और देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप ने किया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी योजना का नाम बदलने से महात्मा गांधी का सम्मान कम नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
कोटा शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना को मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों को बसाए रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। सरकार द्वारा 125 दिन का रोजगार देने के दावे पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि अगर रोजगार दिया जाता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन मजदूरी बढ़ाने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
इसके साथ ही योजना के फंडिंग पैटर्न में बदलाव को लेकर भी आपत्ति जताई गई। पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत भुगतान करती थी, लेकिन अब राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत भुगतान का बोझ डाला जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि यह राज्य सरकारों को गुमराह करने और गरीब मजदूरों की आजीविका छीनने का प्रयास है।








