ढाका, सच रिपोर्ट डेस्क,Bangladesh violence
बांग्लादेश में शुक्रवार को हिंसा का चक्र तेज़ हो गया है, जब देश भर में प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मीडिया घरानों और राजनीतिक कार्यालयों पर आक्रमण, आगजनी और तोड़फोड़ की। यह हिंसा युवा नेता और आंदोलनकारी शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुई, जिनकी उपचार के दौरान सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के दो सबसे बड़े अखबारों प्रथम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों को जबरन घुसकर नुकसान, आगजनी और तोड़फोड़ की। कई पत्रकार फंसे भी पाए गए, जिन्हें बाद में बचाया गया। हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के कार्यालयों, पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के आवास, और राजशाही में पार्टी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारी भारत विरोधी नारेबाज़ी भी कर रहे हैं और कुछ स्थानों पर भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास के सामने पत्थरबाज़ी की गई।
उस्मान हादी की मौत और उसकी विरासत
शरीफ उस्मान हादी, जो 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेतृत्व में थे और इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे, को 12 दिसंबर को ढाका में गोली मार दी गई थी। उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर भेजा गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता से यह स्पष्ट होता है कि देश में राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारी सरकार की आलोचना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के कुछ समूह भारत को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर भारत विरोधी भावनाएँ फैल रही हैं।
बांग्लादेश हिंसा : घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन
12 दिसंबर 2024
छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता उस्मान हादी को चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई।
गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया।
12–18 दिसंबर 2024
सिंगापुर में हादी का इलाज चलता रहा।
बांग्लादेश में छात्र संगठनों और समर्थकों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता गया।
सोशल मीडिया पर विरोध के आह्वान तेज हुए।
गुरुवार देर रात (18 दिसंबर)
सिंगापुर में इलाज के दौरान उस्मान हादी की मौत।
मौत की खबर फैलते ही ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शन शुरू।
गुरुवार रात
-प्रदर्शनकारियों ने देश के बड़े अखबार डेली स्टार प्रोथोम आलो
के दफ्तरों में जबरन घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की।
-पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान के आवास में तोड़फोड़।
-अवामी लीग के कई कार्यालयों को आग के हवाले किया गया।
-राजशाही और अन्य जिलों में भी हिंसा फैल गई।
गुरुवार रात – भालुका
– धर्म का अपमान करने के आरोप में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या
– शव को नग्न कर पेड़ से लटकाया गया और आग लगाई गई।
– घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
शुक्रवार सुबह
– चटगांव सहित कई शहरों में प्रदर्शन।
-भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास के बाहर भीड़,
– पत्थरबाज़ी की खबरें।
– बांग्लादेश सरकार ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
– शांति बनाए रखने की अपील जारी।








