ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर रविवार को कनवास में निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गंभीर खामियां सामने आने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण में पाया गया कि भवन के कॉलम में क्रेशर डस्ट भरी जा रही थी, जबकि बनास सैंड बिना छाने ही प्रयोग में ली जा रही थी। इसे निर्माण मानकों के खिलाफ बताते हुए मंत्री नागर ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
मंत्री नागर ने राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड के एक्सईएन रामप्रसाद जाटव को फोन कर कहा कि पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य मानकों पर खरा नहीं उतरा तो पूरा निर्माण तुड़वाया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में जोन-2 की स्वीकृत रेत का ही उपयोग किया जाए और क्यूब भरकर टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आरसीसी स्ट्रक्चर के दौरान जेईएन की मौके पर उपस्थिति जरूरी है।
मंत्री नागर ने निर्माण स्थल पर ऑटो मिक्सचर प्लांट और स्थायी लैबोरेट्री स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि सीमेंट, रेत और सरिए की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच हो सके। उन्होंने सरिए की मोटाई और वजन मापने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्राइंग और डिजाइन मंगवाकर उसे निर्माण सामग्री से मिलान किया। सुपरवाइजर से जानकारी लेने के बाद असंतोष जताते हुए एक्सईएन को दोबारा निर्देश दिए।
मंत्री नागर ने कहा,
“यह कॉलेज क्षेत्र के बच्चों के भविष्य से जुड़ा है, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
9 करोड़ की लागत से बन रहा कॉलेज
बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अनुशंसा पर कनवास में पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन को स्वीकृति दी गई थी।
दूधियाखेड़ी माताजी मंदिर के पास बन रहे इस कॉलेज के लिए 9 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
कॉलेज का निर्माण राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। इसके शुरू होने से कनवास, देवली, सांगोद और बपावर क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।
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