कोटा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्कर अब हाईटेक और चालाकी भरे तरीके अपना रहे हैं। पुलिस की नाकाबंदी और चेकिंग से बचने के लिए वे वाहनों में विशेष गुप्त डिब्बे या नकली उपकरण बनवा रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला कोटा के अनंतपुरा थाना क्षेत्र में सामने आया है। पुलिस ने रविवार को एक भारतबेंज मिनी ट्रक से विशेष रूप से निर्मित नकली इलेक्ट्रिक जनरेटर नुमा कंटेनर से डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के 12.68 क्विंटल डोडा चूरा बरामद किया। इस मामले में ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया हैए जबकि तस्करी के नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह जानकारी रविवार को अनंतपुरा थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीआईजी कोटा रेंज राजेंद्र प्रसाद गोयल ने दी। इस दौरान एसपी तेजस्विनी गौतम भी उपस्थित रही। डीआईजी गोयल ने बताया कि तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट है और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है। इस कार्रवाई से तस्करी के बड़े नेटवर्क पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए डीआईजी ने बताया कि अनंतपुरा थानाधिकारी रमेश कविया अपनी टीम के साथ रविवार को थाना क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें एक अत्यंत गोपनीय मुखबिर से सूचना मिली कि दीनदयाल नगर के कोने पर ट्रांसपोर्ट नगर रोड पर एक भारतबेंज मिनी ट्रक में भारी मात्रा में डोडा चूरा लादकर लाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डीआईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल के निर्देशन में कार्रवाई की गई।
ट्रक में इलेक्ट्रिक जनरेटर जैसा कंटेनर लगा था
एएसपी दिलीप सैनी, सीओ मनीष शर्मा और थानाधिकारी रमेश कविया के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध मिनी ट्रक को रोका और उसकी गहन तलाशी ली। ट्रक में एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया इलेक्ट्रिक जनरेटर जैसा दिखने वाला कंटेनर लगा हुआ था। जब इसे खोला गया तो उसमें 64 कट्टे भरे हुए मिले। इन कट्टों की जांच करने पर उनमें 12 क्विंटल 68 किलो डोडा चूरा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित बाजार कीमत डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है।
आरोपी गिरफ्तार
ट्रक में सवार व्यक्ति से जब डोडा चूरा के बारे में पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने तुरंत डोडा चूरा और मिनी ट्रक को जब्त कर लिया। आरोपी की पहचान जोधपुर जिले के प्रताप नगर थाना क्षेत्र के गजानंद कॉलोनी निवासी जसाराम चौधरी (30) पुत्र देवाराम जाट के रूप में हुई। उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल नया ट्रेंड
डीआईजी गोयल ने बताया कि डोडा चूरा मुख्य रूप से अफीम के सूखे डोडों को पीसकर बनाया जाता है, जिसमें मॉर्फीन की मात्रा होती है। यह पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में ऊंची कीमत पर बिकता है। राजस्थान में मध्यप्रदेश की सीमा से सटे इलाकों से इसकी तस्करी आम है, लेकिन कोटा जैसे क्षेत्र में हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल नया ट्रेंड है। पहले तस्कर प्याज, रद्दी या अन्य सामान की आड़ में तस्करी करते थे, लेकिन अब वाहनों में गुप्त कैविटी या नकली जनरेटर जैसे मॉड्यूल बना रहे हैं।
जांच रानपुर थानाधिकारी करेंगी
मामले की जांच अब रानपुर थानाधिकारी बृजबाला चौधरी को सौंपी गई है। वे तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगा रही हैं। थानाधिकारी रमेश कविया ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जसाराम चौधरी को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगाए जहां पुलिस रिमांड की मांग करेगी। पूछताछ में आरोपी से सप्लायर और खरीदारों की जानकारी निकालने का प्रयास किया जाएगा।
जीरो टॉलरेंस नीति
एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा कि कोटा पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है। हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं, जिनमें लग्जरी गाडिय़ों और ट्रकों से भारी मात्रा में डोडा चूरा पकड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और मुखबिरों की मदद से संभव हुई। संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए कितने शातिर हो गए हैं। नकली जनरेटर जैसे मॉड्यूल का इस्तेमाल पहली बार कोटा क्षेत्र में देखा गया है, जो अन्य राज्यों में पहले हो चुका है। पुलिस अब ऐसे वाहनों पर विशेष नजर रख रही है। समाज से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें, गोपनीयता बनाए रखी जाएगी। यह कार्रवाई कोटा रेंज में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। डीआईजी गोयल ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि नाकाबंदी और गश्त बढ़ाई जाए। उम्मीद है कि इससे तस्करी के नेटवर्क पर और अंकुश लगेगा।








