रामगंजमंडी (कोटा)
कोटा जिले के रामगंजमंडी शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का खतरा एक बार फिर सामने आया है। बाजार नंबर-1 क्षेत्र में गुरुवार को चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत रही कि समय रहते उपचार मिल गया, जिससे युवक की जान बच सकी। इस घटना ने प्रशासन की सख्ती और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान सुभाष कॉलोनी निवासी मनोज कुमार के रूप में हुई है। मनोज कुमार बाजार से घरेलू सामान खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर लटक रहा चाइनीज मांझा अचानक उनकी गर्दन में फंस गया। तेज धार वाले मांझे से उनकी गर्दन गहराई तक कट गई, जिससे वह घबरा गए।
दर्द और अचानक हुए हादसे के कारण मनोज कुमार ने मांझे को हाथ से हटाने की कोशिश की, लेकिन इससे उनकी उंगलियां भी बुरी तरह कट गईं। घटनास्थल पर खून बहता देख आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनका इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर थीं। यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद इसकी खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए, नियमित चेकिंग अभियान चलाए जाएं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। नागरिकों का कहना है कि हर साल इस तरह के हादसे होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने एक बार फिर चाइनीज मांझे से होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है।








