कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को छप्पन भोग परिसर में सुपोषित मां अभियान के अंतर्गत आयोजित मातृ स्वास्थ्य एवं सुपोषण शिविर का शुभारम्भ किया। इस दौरान कोटा-बून्दी क्षेत्र की 3000 से अधिक गर्भवती माताओं-बहनों को पोषण किट वितरित की गई। शिविर में बड़ी संख्या में नवीन पंजीकरण भी हुए। बिरला ने कहा कि सुपोषित मां अभियान केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक ऐसा ध्येय और संकल्प है, जहां हर मां का स्वास्थ्य पूरे समाज की जिम्मेदारी बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह अभियान उनके लिए मात्र सामाजिक प्रकल्प नहीं, बल्कि हृदय से जुड़ा हुआ संकल्प है।
उन्होंने बताया कि छह वर्ष पूर्व 2020 में स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु की सोच के साथ इस अभियान की शुरुआत की गई थी। आज इन छह वर्षों में जो परिणाम सामने आए हैं, वही इस अभियान की वास्तविक पूंजी हैं। अब तक 29 हजार से अधिक माताओं-बहनों को लाभान्वित किया जा चुका है, 3 लाख से अधिक पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं और 3000 से अधिक शिविरों के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गर्भवती माताओं और बच्चों को स्वस्थ रखने का जो विचार कभी एक संकल्प था, वह आज कोटा-बूंदी में एक मिशन बन चुका है। माताओं के चेहरों की मुस्कान और स्वस्थ शिशुओं की किलकारियां ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता हैं। उन्होंने मातृशक्ति से अपील की कि वे गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और आसपास की पात्र महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि पोषण किट केवल सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि जागरूकता और देखभाल का माध्यम है। इस दौरान उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने वाले सभी डॉक्टर्स व महिला कार्यकर्ताओं का भी आभार जताया। सहयोगी संस्था गेल इंडिया के सीएमडी संदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि सुपोषित मां अभियान मातृत्व सुरक्षा की दिशा में अनूठी पहल है, इस अभियान से जुडऩा हमारे लिए गौरव की बात है।
इस दौरान आईएमए वूमन विंग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. अल्का माथुर समेत कोटा-बून्दी में विभिन्न स्थानों पर अभियान को संभाल रही शिशु एवं स्त्री रोग चिकित्सक व बड़ी संख्या में महिलाएं व गणमान्य मौजूद रहे।







