कोटा। न्यायालय अपर सेशन न्यायाधीश क्रम-2 के न्यायाधीश सरिता धाकड़ ने रामपुरा कोतवाली थाना क्षेत्र में पत्नी व छह माह के मासूम बालक की कुल्हाड़ी से नृशंस हत्या करने के दोषी को शुक्रवार को फांसी की सजा व 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा से दण्डित किया है।
अपर लोक अभियोजक भारत सिंह आसावत ने बताया कि प्रकरण के तथ्यों के अनुसार 1 जून 2021 को फरियादी प्रदीप कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वह माचिस फैक्ट्री हरिजन बस्ती का रहने वाला है। उसकी बड़ी बहिन सीमा की शादी भाटापाड़ा रामपुरा निवासी पिंटू डागर के साथ 15 वर्ष पूर्व हुई थी। उसकी बड़ी बहिन सीमा व उसका जीजा शाम को 5 बजे उसके मामा राजेश निवासी स्टेशन के यहां से आए थे। उसे शाम को 7.30 बजे भाटापाड़ा से सम्राट पटोणा ने फोन कर बताया कि उसके जीजा पिंटू ने उसकी बहिन सीमा को सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया है। जिस पर वह मामा राजेश के साथ भाटापाड़ा पहुंचे उससे पूर्व ही सीमा को पुलिस एमबीएस अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने सीमा को जांच करने के बाद मृत घोषित कर दिया। उसका जीजा उसकी बड़ी बहिन के साथ आए दिन लड़ाई झगड़ा व मारपीट करता था। उसके जीजा ने बहिन सीमा व छह माह के पुत्र की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी।
पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर भाटापाड़ा रामपुरा निवासी पिंटू डागर पुत्र लड्डूलाल हरिजन के खिलाफ पत्नी व बच्चे की हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 85 दस्तावेज पेश कर 23 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाएं जाने पर धारा 302 भादंस के अपराध में दोषी पाएं जाने पर फांसी की सजा व 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा से दण्डित किया है।
पत्नी को घसीटता हुआ तिराहे तक ले गया था
उन्होंने बताया कि हमला करने के बाद पिंटू लहूलुहान पत्नी का हाथ पकड़ कर घसीटता हुआ तिराहे तक ले गया और वहां जोर-जोर से चिल्लाया। इसके बाद पिंटू पैदल रामपुरा थाने चला गया। वहां जाकर बोला मैंने अपनी पत्नी को मार डाला मुझे गिरफ्तार कर लो। घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई थी।
रक्षक ही बन गया भक्षक
न्यायाधीश सरिता घाकड़ ने टिप्पणी में लिखा कि अभियुक्त पिंटू मृतक सीमा का पति व नाबालिग पुत्र अविनाश उर्फ राजवीर का पिता था। जिसका दायित्व उनका पालन पोषण करना था। अभियुक्त उनका रक्षक था। मृतकों ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही व्यक्ति उनकी हत्या कर देगा। अत: न केवल अभियुक्त पिंटू ने संबंधों का अनुचित लाभ उठाया, बल्कि मृतक सीमा व पुत्र अविनाथ का अभियुक्त के साथ जो वैधानिक संबंध था, उसकी भी हत्या कर दी। रक्षक की जब भक्षक बन जाएगा तो परिवार में कोन किसकों बचाएगा। क्योकि पत्नी व बच्चों का रक्षक पति व पिता ही होता है। इसका कृत्य मानवता को पूर्णतया शर्मसार करने वाला है। पूर्व में अभियुक्त बलात्कार के केस में सजायाफ्ता और आपराधिक मानसिक प्रवृति का है। इसलिए समाज में यह कितने ही अपराध कारित कर सकता है। उसके विरूद्ध पूर्व में पांच प्रकरण दर्ज हुए है। जिनमें से पूर्व में भी एक प्रकरण दादााबाड़ी थाने में बलात्कार के मामले में न्यायालय महिला उत्पीडऩ ने सात वर्ष के कठोर कारवास की सजा सुनाई है। इसलिए अभियुक्त आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति होना भी पाया जाता है।
मृत्युदंड से कम सजा न्याय को विफल कर देगी
न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी को मृत्युदंड से कम यदि कोई भी दंड दिया जाता है तो उसे न केवल न्याय के उद्देश्य भी विफल होंगे बल्कि समाज में भी इस प्रकार की मनोवृति रखने वाले और आपराधिक कृत्य करने वाले अपराधियों को बढ़ावा मिलेगा। आमजन में ऐसे लोगों से हमेशा डर बना रहेगा। न्यायालय ने माना रेयर ऑफ टू रेयरेस्ट केस न्यायाधीश ने कहा कि यह रेयर ऑफ टू रेयरेस्ट केस है। हम एक हाईपोथिटिकल (काल्पिनिक) स्थिति का भी उल्लेेख करना चाहेंगे। जब किसी व्यक्ति के द्वारा कोई जानवर मसलन कुत्ता आदि पाल लिया जाता है तो वह भी कुछ समय के बाद परिवार का एक सदस्य हो जाता है। व्यक्ति उसे कभी नुकसान नहीं पहुंचा सकता। वह पत्नी और बच्चे के सम्पर्क में था। जघन्य तरीके से हत्या करने से जाहिर होता है कि आरोपी निर्दयी पैशाचिक और राक्षसी प्रकृति का था। जिसमें नाममात्र की भी मानवता नहीं बची थी।








