कोटा। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही समाप्त होने को है, लेकिन शहर में बड़ी संख्या में ऐसी सम्पत्तियां हैं, जिनका नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) अब तक जमा नहीं हुआ है। विशेष रूप से हॉस्टल, मैरिज गार्डन, शोरूम और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है। ऐसे में नगर निगम ने बड़े बकायादारों पर सख्ती की तैयारी कर ली है।
नगर निगम की ओर से प्रतिवर्ष आवासीय, व्यवसायिक, संस्थानिक और औद्योगिक सम्पत्तियों से यूडी टैक्स वसूला जाता है। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में टैक्स जमा कराने पर 10 प्रतिशत और दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में 5 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। वहीं तीसरी और चौथी तिमाही में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती।
निगम अधिकारियों के अनुसार टैक्स जमा नहीं कराने वालों को पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। एक या दो नोटिस के बाद भी यदि टैक्स जमा नहीं हुआ तो नियमानुसार सीजिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
**लक्ष्य के मुकाबले आधी ही वसूली**
पूर्व में कोटा उत्तर नगर निगम के लिए 8 करोड़ और कोटा दक्षिण नगर निगम के लिए 10 करोड़ रुपये का यूडी टैक्स लक्ष्य तय किया गया था। तीसरी तिमाही समाप्त होने को है, लेकिन अब तक दोनों निगमों को मिलाकर करीब 9.50 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं। इसमें उत्तर क्षेत्र में लगभग 4 करोड़ और दक्षिण क्षेत्र में करीब 5.50 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।
**2200 में से 1800 हॉस्टलों ने नहीं चुकाया टैक्स**
नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा शहर में वर्तमान में करीब 2200 हॉस्टल संचालित हैं। इनमें से लगभग 1800 हॉस्टलों द्वारा अब तक यूडी टैक्स जमा नहीं कराया गया है। हॉस्टलों पर करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया बताया जा रहा है।
**मैरिज गार्डनों पर 5 करोड़ से ज्यादा बकाया**
शहर में करीब 80 मैरिज गार्डन संचालित हैं। इनमें से केवल लगभग 20 मैरिज गार्डनों ने ही यूडी टैक्स जमा कराया है। शेष मैरिज गार्डनों पर करीब 5 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है।
**फायर एनओसी के लिए यूडी टैक्स जरूरी**
राज्य सरकार के निर्देशानुसार मैरिज गार्डन और हॉस्टल सहित सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है। फायर एनओसी तभी जारी की जाती है, जब यूडी टैक्स जमा होने की रसीद आवेदन के साथ संलग्न हो। इसके बावजूद कई मामलों में बिना टैक्स जमा कराए फायर एनओसी जारी होने की बात भी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार शहर में संचालित कई हॉस्टलों और मैरिज गार्डनों में या तो फायर सिस्टम नहीं है या फिर उनकी फायर एनओसी नहीं ली गई है। पूर्व में आगजनी की घटनाओं के दौरान इस स्थिति का खुलासा हो चुका है।
**आयुक्त का बयान**
नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि हाल ही में यूडी टैक्स कार्यालय का निरीक्षण किया गया है। टैक्स के दायरे में आने वाली सभी सम्पत्तियों और बड़े बकायादारों की जानकारी ली गई है। पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और समय पर टैक्स जमा नहीं कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हॉस्टल और मैरिज गार्डनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है, जो यूडी टैक्स जमा होने पर ही जारी की जाती है।








