कोटा/ नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर गुरुवार सुबह घने कोहरे के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से जोधपुर जा रही एक यात्री बस और बाड़मेर से लाडनूं की ओर आ रही महिंद्रा स्कॉर्पियो की आमने-सामने की जोरदार टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए, साथ ही वह बस के आगे के हिस्से में बुरी तरह फंस गई।
यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब उत्तर भारत में घना कोहरा छाया हुआ था और दृश्यता बेहद कम थी। पुलिस के अनुसार, कोहरे के कारण चालकों को सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं दिए, जिससे यह टक्कर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर का प्रभाव इतना तेज था कि स्कॉर्पियो में सवार लोग वाहन के अंदर ही फंस गए। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने स्कॉर्पियो के दरवाजे तोड़कर फंसे लोगों को बाहर निकाला और कुछ घायलों को CPR देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की।
हादसे में स्कॉर्पियो में सवार दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घायलों को तत्काल नागौर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इस तरह कुल तीन लोगों की जान चली गई। शेष चार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें सिर और छाती पर गहरे घाव शामिल हैं।
राहत की बात यह रही कि बस में सवार किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई। बस दिल्ली से जोधपुर की ओर जा रही थी और इसमें कई यात्री सवार थे, लेकिन टक्कर का मुख्य असर बस के आगे के हिस्से पर हुआ, जिससे यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात ठप हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से बस में फंसी स्कॉर्पियो को बाहर निकलवाया। इसके बाद क्रेन की सहायता से दोनों वाहनों को हटाया गया और यातायात को बहाल किया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घना कोहरा हादसे की मुख्य वजह सामने आई है। सर्दियों में राजस्थान के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छा जाता है, जिससे विजिबिलिटी जीरो के करीब हो जाती है। ऐसे में हाईवे पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो जाता है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “कोहरे में ड्राइवरों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। स्पीड कम रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।” इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है।
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पूरे उत्तर भारत में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। पिछले कुछ दिनों में राजस्थान सहित कई राज्यों में कोहरे के कारण कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे के मौसम में हाईवे पर ओवरस्पीडिंग और लापरवाही प्रमुख कारण बनते हैं। सरकार द्वारा हाईवे पर कोहरे के अलर्ट सिस्टम और बेहतर साइन बोर्ड लगाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-58 पर अक्सर ऐसे हादसे होते हैं, खासकर सर्दियों में। इस मार्ग पर ट्रैफिक ज्यादा रहता है और कोहरा होने पर ड्राइवरों को सतर्क रहने की जरूरत है। हादसे के बाद क्षेत्र में मातम का माहौल है। मृतकों के परिजनों को जैसे ही सूचना मिली, वे अस्पताल पहुंचे और शवों की शिनाख्त की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क पर सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ड्राइवरों से अपील है कि कोहरे में यात्रा करते समय धैर्य रखें और नियमों का पालन करें। यदि विजिबिलिटी कम हो तो वाहन रोककर इंतजार करना बेहतर होता है। इस हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन को भी हाईवे पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना चाहिए, ताकि आगे ऐसी दुखद घटनाएं न हों।







