कोटा। कोटा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को कोटा कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने “पोल खोल रैली” निकाली, जो नयापुरा से शुरू होकर कलक्ट्रेट तक पहुंची। इस रैली का नेतृत्व कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने किया।
सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस रैली में शामिल हुए। रैली में नारे लगाए गए- “वोट चोरी बंद करो”, “संविधान बचाओ” और “लोकतंत्र पर हमला नहीं सहेंगे”। कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अंतिम ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद भी यदि अनियमितताएं नहीं सुधारी गईं, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। फिलहाल यह प्रदर्शन सांकेतिक था, लेकिन पार्टी ने भविष्य में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंच से प्रहलाद गुंजल ने भाजपा पर साधा निशाना
रैली में मंच से बोलते हुए प्रहलाद गुंजल ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा ने भारत के संविधान में कैंसर का बीज बोया है। मोदी सरकार हिटलर जैसी तानाशाही पर उतर आई है।” गुंजल ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग को अपने इशारों पर नाचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं की लिस्ट में जानबूझकर नाम काटे जा रहे हैं। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव डालकर फॉर्म 7 भरवाए जा रहे हैं, जिससे लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। गुंजल ने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए बड़ा संघर्ष करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल
प्रदर्शन में शामिल अन्य कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भी भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एसआईआर का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों के मतदाताओं को वंचित करने की साजिश रची जा रही है। पार्टी का दावा है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और इससे लोकतंत्र की जड़ें हिल रही हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कहा कि वे वोट के अधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ेंगे। एसआईआर को लेकर राज्यभर में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सक्रिय हैं, जबकि भाजपा इसे नियमित प्रक्रिया बता रही है। फिलहाल कोटा में कांग्रेस का यह आंदोलन जारी रहने की संभावना है। यदि आरोप सिद्ध हुए तो यह लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा बन सकता है।







