कोटा। नववर्ष के आगमन पर शहर को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में कोटा पुलिस ने सक्रिय कदम उठाया है। पुलिस थाना गुमानपुरा पर आयोजित जनसहभागिता कार्यक्रम में महानिरीक्षक पुलिस कोटा रेंज श्री राजेंद्र गोयल आईपीएस ने आमजन की समस्याओं की सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को तुरंत निराकरण के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच सहयोग बढ़ाना तथा अपराधों की रोकथाम करना रहा।
पुलिस अधीक्षक कोटा शहर तेजस्वनी गौतम ने बताया कि नववर्ष पर पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) एवं व्यापार संघ के सदस्यों को प्रेरित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना गुमानपुरा, जवाहर नगर, किशोरपुरा एवं दादाबाड़ी क्षेत्र के नागरिकों की पुलिस संबंधित शिकायतों की जन सुनवाई की गई। कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी, पुलिस उप अधीक्षक वृत प्रथम योगेश कुमार शर्मा, थानाधिकारी किशोरपुरा भूरी सिंह, थानाधिकारी दादाबाड़ी बलदेव सिंह, यातायात निरीक्षक देवेश कुमार भारद्वाज एवं थानाधिकारी गुमानपुरा महेश कुमार कारवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसहभागिता में गुमानपुरा, दादाबाड़ी, जवाहर नगर एवं किशोरपुरा के व्यापारिक संगठनों के अध्यक्षों, पुलिस मित्रों, सीएलजी एवं सुरक्षा सखी सदस्यों ने अपने क्षेत्रों की प्रमुख समस्याएं रखीं। इनमें मुख्य रूप से यातायात जाम, अवैध पार्किंग और छोटे-मोटे अपराध शामिल थे। महानिरीक्षक श्री राजेंद्र गोयल ने सभी शिकायतों पर संबंधित थानाधिकारियों एवं यातायात निरीक्षक को त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए।
नशे के खिलाफ खुलकर सहयोग की अपील
महानिरीक्षक श्री गोयल ने आमजन को नशा तस्करी एवं बिक्री की सूचना देने की अपील की। उन्होंने बताया कि राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन गरुड़ व्यूह’ हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रहती है। सूचनादाता का नंबर नियंत्रण कक्ष में नहीं दिखता, इसलिए बिना किसी भय के पुलिस का सहयोग किया जा सकता है। अन्य अपराधों की सूचना पुलिस हेल्पलाइन या नियंत्रण कक्ष पर दी जा सकती है। इस अभियान से शहर को नशा मुक्त बनाने में जनता की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण
कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें यातायात संबंधित आईं। इस पर पुलिस ने नवीन पहल की घोषणा की। थानों पर गठित पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी एवं सीएलजी सदस्यों को स्वैच्छिक रूप से यातायात प्रबंधन एवं अपराध सूचना में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इच्छुक स्वयंसेवकों को थानाधिकारी के पास नाम दर्ज कराने को कहा गया। चयनित सदस्यों को अलग से लघु प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित वॉलंटियर व्यस्त समय में यातायात नियंत्रण एवं रात्रि गश्त में पुलिसकर्मियों की मदद करेंगे।
एसपी तेजस्वनी गौतम ने कहा कि जनता के सहयोग से यातायात को सुगम बनाया जा सकेगा और अपराधों पर अंकुश लगेगा, जिससे समाज पूरी तरह अपराध मुक्त बनेगा। इस कार्यक्रम से पुलिस-जनता संबंध मजबूत हुए और नववर्ष पर नशा मुक्त उत्सव मनाने का संकल्प लिया गया।








