कोटा। तलवंडी स्थित साकेत पार्क में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना ने स्थानीय लोगों में हडक़ंप मचा दिया। पार्क स्थित गणेश मंदिर के पुजारी पंडित महेंद्र शर्मा ने बताया कि पार्क में खेल रहे बच्चों ने जब देखा कि एक कुत्ता मुंह में कटा हुआ मानव पैर लेकर घूम रहा है इसकी सूचना मंदिर पर आकर मुझे दी। आसपास के लोगों को सूचना मिलते ही कॉलोनी में हडक़म्प मच गया। पुजारी ने तुरंत जवाहर नगर थाने को सूचना दी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआत में पुलिस को शक हुआ कि शायद किसी अस्पताल से पैर कटने के बाद कुत्ता उसे उठा लाया होगा, क्योंकि पास में कई अस्पताल हैं। पुलिस ने जांच के दौरान सुधा अस्पताल पहुंचकर पूछताछ की। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि एक मरीज की बीमारी के कारण पैर काटना पड़ा था। ऑपरेशन के बाद कटा हुआ पैर अस्पताल के कचरे के साथ गलती से चला गया, जिसे पास के नाले में फेंक दिया गया। जिसे बाद में कुत्तों ने उठा लिया और पार्क तक ले गए। यह घटना अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।
बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल का यह है नियम
देश में बायोमेडिकल वेस्ट (प्रबंधन और हैंडलिंग) नियम 2016 के तहत अस्पतालों को वेस्ट का सख्त वर्गीकरण करना अनिवार्य है। रंग-कोडेड बैगों में अलग-अलग प्रकार के कचरे को अलग रखा जाता है—जैसे लाल बैग में संक्रामक वेस्ट, पीला बैग में मानव अंगों और ऊतकों जैसे ह्यूमन एनाटॉमिकल वेस्ट को कभी भी खुले में या नाले में नहीं फेंका जा सकता। इसे अधिकृत बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सुविधा में सुरक्षित रूप से नष्ट किया जाना चाहिए, जहां इंसिनरेशन या अन्य वैज्ञानिक तरीकों से निपटान होता है।
थानाधिकारी रामलक्ष्मण गुर्जर ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना करने के बाद पास ही स्थित सुधा अस्पताल में जाकर पूछताछ की। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अस्पताल में किसी के पैर का ऑपरेशन किया था। उसके परिजनों के सामने मरीज का पैर काटा गया था। अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही से कटा पैर उन्होंने पीछे नाले में कचरे के साथ डाल दिया। इसके बारे में अस्पताल प्रशासन से खेद प्रकट किया। थाने में इस मामले में कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है।
इस मामले में सुधा अस्पताल प्रशासन से फोन पर बात करना चाही लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया।







