कोटा। एसपी तेजस्वनी गौत्तम ने बताया कि कोटा शहर के अनंतपुरा थाना दिनांक 15 नवम्बर 2025 को पीडि़त कुलदीप शर्मा व अन्य लोगों नें थाना अनंतपुरा में खिलाफ शिकायत दर्ज कर बताया कि दीपक सिंह के एक व्यक्ति नें ओएसिस इंटरप्राइजेज नाम नाम की कम्पनी खोलकर के उसके तथा अन्य करीब 8500 लोगों के साथ घर बैठे रोजगार देने के नाम पर ठगी करते हुए 2500-2500 रुपए सुरक्षा राशि के नाम से जाम की और करीब 2 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि हड़प कर और रातों-रात दफ्तर बंद कर फरार हो गया।
इस पर मामले की संवेदनशीलता और पीडि़तों की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोटा शहर ने दिलीप सैनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटा शहर के सुपरविजन में एक विशेष टीम (एसआईटी) का गठन किया। इसमें मनीष शर्मा वृताधिकारी वृत चतुर्थ को अनुसंधान सुपुर्द किया गया जिनके निर्देशन और थानाधिकारी अनंतपुरा रमेश कविया के नेतृत्व में तकनीकी दक्ष पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी, क्योंकि आरोपी नें ठगी दौरान पहचान छुपाने के लिये फर्जी आधार कार्ड का प्रयोग किया था। आरोपी को तुरन्त गिरफ्तारी के लिये श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक कोटा रेंज द्वारा आरोपी की सूचना देने या गिरफ्तारी पर 50,000 रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया।
तरीका वारदात
आरोपी कुमार शानू एक अत्यंत शातिर और पेशेवर ठग है। इसने कोटा के सुभाष नगर में ओएसिस इंटरप्राइजेज नाम से एक फर्जी कंपनी का मायाजाल बुना। आरोपी अखबारों में घर बैठे रोजगार के लुभावने विज्ञापन देकर बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को निशाना बनाता था। वह लोगों को पुस्तकें तैयार करने का काम देने के बदले 2500 रुपये सुरक्षा राशि के नाम पर जमा करवाता था। ठगी को तेजी से फैलाने के लिए उसने चेन मार्केटिंग का सहारा लिया और नए सदस्य जोडऩे पर 500 रुपए कमीशन का लालच दिया। इस प्रकार उसने मात्र कुछ महीनों में 8500 लोगों से करीब 2 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि हड़प ली और रातों-रात दफ्तर बंद कर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
आरोपी ठगी की वारदात करने के पश्चात गिरफ्तारी से बचने के लिये अपने मश्कन से फारार होकर नाम बदल कर अपने ठिकाने बदलता रहा, इस पर फरसाराम कांस्टेबल ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी डेटा का गहन विश्लेषण किया। कठिन परिश्रम और तकनीकी बारीकियों के जरिए फरसाराम ने आरोपी के छद्म नाम का पर्दाफाश किया और उसकी असली पहचान कुमार सानू पुत्र विजय कुमार निवासी खगडिय़ा (बिहार) के रूप में स्थापित की। तकनीकी विश्लेषण से ही यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी केवल कोटा ही नहीं, बल्कि यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार की वारदात कर चुका है। इस खुलासे के बाद ही पुलिस को आरोपी के असली ठिकानों और छिपने की जगहों पर तलाश प्रारम्भ की गई।
तकनीकी इनपुट के आधार पर थानाधिकारी रमेश कविया के नेतृत्व में टीम को बिहार रवाना किया गया। टीम ने पटना के से लेकर भागलपुर की गलियों तक खाक छानी। कई दिनों तक टीम ने अपनी पहचान छुपाकर आरोपी की निगरानी की। अंतत: डिजिटल सर्विलांस के जरिए यह पुख्ता हुआ कि आरोपी भागलपुर के होटल वैभव में अपनी पत्नी के साथ छिपा है। इस पर टीम द्वारा बिहार के वैभव होटल (नवगछिया) में दबिश दी। आरोपी को दबोच लिया गया। तलाशी मेंउसके पास से 1,88,500 रुपए नकद, ठगी में प्रयुक्त लाल रंग की हुंडई औरा कार, और कई फर्जी आधार कार्ड/ ई-श्रम कार्ड बरामद हुए। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोटा लाया जा रहा है, जहां उससे ठगी की बाकी रकम और अन्य साथियों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी।
आरोपी कुमार सानू पूर्व में कई राज्यो में इसी तरह की वारदात कर चुका है, जो कि दरभंगा बिहार, रांची झारखण्ड, दुर्ग छतीछगढ, सारनपुर उत्तरप्रदेश, बीकानेर राजस्थान, इन्दौर मध्यप्रदेश आदि स्थानो पर अलग-अलग तरीको (मोतियों की माला बुनने, स्वेटर बुनने जैसे कार्यों के नाम) से लोगो को घर बैठे रोजगार देने के नाम पर करोड़ो रुपए के ठगी कर चुका है।
गिरफ्तार आरोपी कुमार सानू उर्फ दीपक सिंह पुत्र विजय कुमार, जाति राजपूत उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम बौरना थाना गोगरी जिला खगडिय़ा (बिहार)







